जयपुर में घूमने की जगह- Jaipur me ghumne Ki Jagah

भारत में 29 राज्य हैं और सभी राज्यों की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं, कोई राज्य पहाड़ी इलाकों में आता है तो कोई अपने खूबसूरत मौसम के लिए मशहूर है। राजस्थान की राजधानी Jaipur me ghumne ki jagah तो बहुत हैं , लेकिन हम यहाँ कुछ चुनिंदा जगह के बारे में बता रहे हैं । राजस्थान एक ऐसा राज्य है जो शानदार महलों और राजशाही इतिहास को दर्शाता है।राजस्थान की राजधानी Jaipur me ghumne ki jagah के बारे में बताया गया है 

जब कभी आपको राजाओं और उनके महलों के इतिहास देखने हो तो आप राजस्थान जा सकते हैं। राजस्थान की राजधानी है जयपुर, जो देश भर में पिंक सिटी यानी गुलाबी शहर के नाम से मशहूर है पिंक सिटी की खास बात यह है कि यहां आज भी जो घर आज भी बनाए जाते हैं उन्हें गुलाबी रंग से कलर किया जाता है।

 

1876 में जयपुर के महाराज सवाई राम सिंह ने इंग्लैंड की क्वीन एलिजाबेथ और प्रिंस अल्बर्ट के स्वागत में सारे शहर को गुलाबी रंग से रंगवा दिया था और यह concept इतना चर्चित हुआ कि आज भी सारा शहर गुलाबी रंग में ही है।

 

जयपुर मैं वैसे तो घूमने के लिए बहुत सारी जगह है लेकिन हम आपको पांच ऐसे विशेष स्थानों के नाम बताएंगे जहां आपको जरूर जाना चाहिए,

 

 

 

 

1. सिटी पैलेस

सिटी पैलेस जयपुर के शाही परिवारों का मुख्य निवास स्थान है, सवाई जयसिंह द्वितीय ने इस विशेष महल का निर्माण करवाया था। इस महल को विशेष तौर पर भारतीय मुगल और यूरोपीय स्थापत्य कला के मिश्रण से तैयार किया गया है।

सिटी पैलेस में पोल, जलेब चौक, त्रिपोलिया गेट और वीरेंद्र पोल इसके मुख्य प्रवेश द्वार हैं।

 

सिटी पैलेस में दीवान ए खास ,महारानी पैलेस, हथियार प्रदर्शन , बग्घी की सवारी को दर्शाते हुए विशेष तौर पर पर्यटकों को दिखाने के लिए म्यूजियम बनाया गया है।

 

सिटी पैलेस एक विशेष परिसर है जहां कई इमारतें है ,आंगन है और खूबसूरत बगीचे भी हैं। इन इमारतों में  चंद्र महल और मुबारक महल काफी प्रसिद्ध है। चंद्र महल में विशेष तौर पर हिंदू देवी देवताओं और चार मौसमों को दर्शाया गया है। जबकि मुबारक महल में दीवान-ए-खास और दीवान-ए-आम शाही लोगों के एकत्रित होने का मुख्य स्थान है।

 

सिटी पैलेस में एक मयूर आंगन है जहां मोर के पंख के समान दिखने वाले दरवाजे बनाए गए हैं जो कि अपने आप में बेहद खूबसूरत हैं।

 

Jaipur me ghumne Ki Jagah
City Palace Jaipur

 

 

2. हवा महल

Jaipur me ghumne ki jagah में हवा महल का एक अलग ही स्थान है हवा महल नाम सुनकर कई लोगों को लगता है कि यह महल हवा में झूल रही होगी, लेकिन हम आपको बता दें कि यह महल हवा में नहीं झूलती है बल्कि इस महल में इतनी खिड़कियां है कि इसका नाम हवामहल पड़ गया।

 

1799 में जब शाही महिलाओं को बिना घुंघट के बाहर निकलने की प्रथा नहीं थी तब सवाई प्रताप सिंह ने इस महल का निर्माण करवाया और इसमें 953 खिड़कियां बनवाई, ताकि शाही महिलाएं भी झरोखों से सार्वजनिक स्थानों बाजारों और कार्यक्रमों को देख सकें।

 

खूबसूरत नक्काशी और अनगिनत झरोखों वाले इस महल को बलुआ पत्थर से बनाया गया है । अगर आप इसे  बाहर से देखेंगे तो यह आपको छत्ते के समान दिखाई देगा।

 

इस महल में पांच मंजिलें हैं और जटिल नक्काशी दुनिया भर में मशहूर है। हवा महल में एक म्यूजियम बनाया गया है जिसमें लघु चित्र और औपचारिक कवच जैसी प्रसिद्ध वस्तुओं को रखा गया है ताकि पर्यटक इसका लाभ उठा सकें।

 

Jaipur me ghumne Ki Jagah
Hawa Mahal, Jaipur

 

3. अल्बर्ट हॉल म्यूजियम

जयपुर में रामनिवास गार्डन है और इसी गार्डन में बनाया गया है अल्बर्ट हॉल म्यूजियम जोकि राजस्थान का सबसे पुराना म्यूजियम है।

इसे 1887 में महाराजा माधव सिंह द्वितीय ने बनवाया था,

इस म्यूजियम को indo-saracenic वास्तु कला के  आधार पर बनाया गया है, इसमें दुनिया भर से लाई गई कलाकृतियों का संग्रह है, आप यहां मिस्र के ममी को भी देख सकते हैं। आपको जयपुर की संस्कृति से संबंधित विभिन्न तरह के वाद्य यंत्र और कारीगरों द्वारा बनाई गई कलाकृतियां भी देखने को मिलेंगी।

 

इस हॉल को प्रिंस ऑफ़ व्हेल्स, अल्बर्ट एडवर्ड के नाम से भी पहचान मिली, क्योंकि जब प्रिंस जयपुर यात्रा पर आने वाले थे तब इस म्यूजियम की नींव रखी गई थी हालांकि उस समय, म्यूजियम का कोई विशेष उपयोग समझ नहीं आया था, उस समय तो यह एक अस्थाई म्यूजियम ही था। लेकिन बाद में इसे स्थाई म्यूजियम का रूप दे दिया गया और यह जयपुर का एक विशेष स्थान बन गया।

 

अल्बर्ट हॉल म्यूजियम के अन्दर कालीन गैलरी ,सिक्का गैलरी, क्ले आर्ट गैलरी, ज्वेलरी गैलरी भी बनाई गई है और सभी गैलरी में शानदार वस्तुएं रखी गई है जो कि पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं।

 

Jaipur me ghumne ki jagah
Albert Museum Hall

 

4. आमेर का किला

आमेर के किले का इतिहास बेहद पुराना है, चट्टानी पहाड़ी पर स्थित यह किला पर्यटकों का बेहद प्रिय स्थान हैं। 1592 ईस्वी में, जयपुर के महाराज मानसिंह ने बलुआ पत्थर और संगमरमर के इस्तेमाल से इस शानदार आमेर के किला का निर्माण करवाया था। 1592 ईस्वी में जयपुर के महाराज का सारा परिवार इसी महल में निवास करता था।

 

वर्तमान में यह महल पर्यटकों के लिए बेहद खास माना जाता है और इसमें को लुभाने के लिए कई तरह के इंतजाम भी किए गए हैं, शाम के समय किले में लाइट एंड साउंड शो होता है, जोकि अपने आप में बेहद खास और खूबसूरत होता है।

इसके अलावा आप इस किले में हाथी की सवारी का आनंद भी ले सकते हैं, शाम को इसमें मनोरंजक और जयपुर की कला को प्रदर्शित करने के लिए नृत्य के कार्यक्रम भी आयोजित कराए जाते हैं।

आमेर किले में शीश महल ,माओथा झील, दीवान ए आम इसकी विशेषता का मुख्य केन्द्र हैं ।

Jaipur Me Ghumne Ki Jagah
Amer Ka Kila

 

 

 

 

5. जल महल

जल महल राजपूती कला का एक शानदार नमूना है, इस महल की विशेष बात यह है कि इसमें पांच मंजिलें हैं और नीचे के सभी 4 मंजिलें मानसागर झील में डूबी रहती हैं। पर्यटक यहां विशेष तौर पर शाम के समय आते हैं और उनके लिए यहां लाइट शो के इंतजाम किए जाते हैं, लाइट शो के कारण महल का एक प्रतिबिंब जल में दिखाई देता है, जो कि बेहद खूबसूरत नजर आता है।

 

जल महल झील के बीचो बीच स्थित है, इसलिए पर्यटकों को झील में उतरने और महल तक पहुंचने के लिए पारंपरिक नाव के इंतजाम भी किए गए हैं

 

झील का पानी बेहद साफ और खूबसूरत होता है, जिस में रंग बिरंगी प्रवासी पक्षियों और मछलियां भी पाई जाती है।

फ्लेमिंगो, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब, पिंटेल, केस्ट्रेल, कूट और ग्रे वैगटेल कुछ  प्रवासी पक्षी हैं जो जल महल के आसपास पाई जाती हैं और पर्यटकों की यात्रा को खास बनाती हैं।

Jaipur Me Ghumne Ki Jagah
Jal Mahal

 

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